अच्छी खबर...डिजिटल स्टोर / यूजीसी के पोर्टल एनएडी पर उपलब्ध होंगी डिजिटल डिग्रियां, आधार नंबर डालकर निकाल सकेंगे डुप्लीकेट कॉपी
*देशभर के शिक्षण संस्थानों को 31 दिसंबर तक अपना डाटा अपलोड करने के निर्देश
*देशभर के 1172 यूनिवर्सिटी, शिक्षण संस्थानों से हुआ एमओयू
देशभर के शिक्षण संस्थानों से पासआउट विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। यूजीसी ने एक डिजिटल स्टोर तैयार किया है, जिसमें सभी विवि के विद्यार्थयों की डिग्रियां और अवॉर्ड सहेजे जाएंगे। विद्यार्थी इन्हें ऑनलाइन देख सकेंगे, साथ ही डाउनलोड भी कर सकेंगे।
गौरतलब है कि विद्यार्थियों को नई नौकरी जॉइन करते समय डिग्रियां वेरिफाई कराने की जरूरत पड़ती थी। डिग्री गुम होने, नष्ट होने पर भी समस्या का सामना करना पड़ता। यूजीसी ने इसका समाधान कर दिया है। अब एक पोर्टल पर सभी विद्यार्थियों की डिग्रियां, डीएमसी और अवाॅर्ड का डाटा डिजिटल रूप में उपलब्ध होगा।
डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट भी घर बैठे पास आउट विद्यार्थी निकलवा सकता है। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने एमएचआरडी के निर्देश पर योजना बनाई है। यूजीसी ने नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी (एनएडी) नाम से पोर्टल तैयार किया है, जिस पर यह सुविधा मिलेगी।
यूजीसी ने दिए आदेश, सभी शिक्षण संस्थानों को कराना होगा रजिस्ट्रेशन
यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने देशभर के सभी विवि के वाइस चांसलर और शिक्षण संस्थानों के डायरेक्टर को पत्र भेजकर 31 दिसंबर से पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाकर पुराना और फ्रेश डाटा अपलोड करने को कहा है।
इस पोर्टल पर अब तक देश भर के 1172 शिक्षण संस्थान रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। इन शिक्षण संस्थानों के 18 लाख, 32 हजार, 575 विद्यार्थियों का डाटा सहेजा जा चुका है। इनकी 5 करोड़, 77 लाख, 86 हजार 218 डिग्रियां, मार्कशीट, अवार्ड, सर्टिफिकेट अपलोड हो चुके हैं।
जानिए... क्या है नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी स्कीम
यूजीसी अधिकारियों ने करीब दो वर्ष पहले प्लान बनाकर नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी (एनएडी) स्कीम लांच की। इसके तहत पोर्टल तैयार किया है। इस पर दो एजेंसियों सीवीएल और एनडीएमएल डेटाबेस मैनेजमेंट लिमिटेड के माध्यम से सभी शिक्षण संस्थानों को रजिस्ट्रेशन करवाना हाेगा। सभी शिक्षण संस्थान हर वर्ष जारी होने वाली डिग्रियों, डीएमसी और सर्टिफिकेट समेत डिप्लोमा का डाटा अपलोड करेंगे।
विद्यार्थियों को लाभ
सभी विद्यार्थियों की डिग्रियां, मार्कशीट, सर्टिफिकेट, डिप्लोमा का डाटा डिजिटल रूप में पोर्टल पर सुरक्षित रहेगा। यदि किसी विद्यार्थी के डॉक्यूमेंट्स गुम हो जाएं, नष्ट हो जाए, तो उन्हें डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट्स निकलवाने के लिए शिक्षण संस्थानों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं। पोर्टल से सभी सत्यापित डॉक्यूमेंट्स कभी भी, कहीं से भी प्रिंट निकाला जा सकता है। इसमें केवल आधार नंबर से प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
ये फैसला छात्रों के लिए लाभदायक: प्रो. पंकज
यूजीसी की ओर से लांच किए नए डिजिटल स्टोर एनएडी स्कीम से विद्यार्थियों को फायदा होगा। डॉक्यूमेंट के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।