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हनी ट्रैप कांड : कांग्रेस का शिवराज पर तीखा हमला प्रवक्ता केके मिश्रा का शिव को खुला पत्र
September 21, 2019 • ABHISHEK SHARMA

हनी ट्रैप कांड :  प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर से उजागर हुए "हनीट्रैप" मामले ने कई सफ़ेदपोश राजनेताओं-नौकरशाहों सहित अन्य संदिग्ध चेहरों के कूल्हे हिला दिए हैं। मुझे अत्याधिक रंज तब हुआ जब एक पूर्व मुख्यमंत्री के नाते आप जहां स्वतः "माइक" लेकर हर मामले में माननीय कमलनाथ जी व उनकी सरकार को निरंतर कोसने में कोई कंजूसी नहीं करते हैं किन्तु शुक्रवार को प्रकाशित एक प्रमुख दैनिक "पत्रिका" में आपने  समूचे समाज को लज्जित करने वाले इस मुद्दे को यह कहकर टाल दिया कि "कौन सा हनी-मनी मैं नहीं जानता"!
   माननीय,यह एक सफ़ेद झूठ है, क्योंकि आपके 13 वर्षीय कार्यकाल में आप व आपका परिवार सिर्फ़ और सिर्फ "मनी" MONEY को ही पहचानता रहा, अब रहा  प्रश्न "हनी" का तो आपके ही एक कार्यकर्ता ने मुझे इस घटना से जूड़ी एक "हनी" की आपके साथ साझा करती हुई एक तस्वीर भेज यह साबित कर दिया है कि आप "हनी" को भी पहचानते है?
    माननीय शिवराज जी, आपको प्रदेश के मुखिया माननीय कमलनाथ जी को धन्यवाद देना चाहिए कि उन्हीं के निर्देशों व दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही यह "हनीट्रेप" कांड उजागर हुआ है, आप तो स्वयं इस प्रदेश के मुखिया रहे हैं, इस तथ्य से भी वाक़िफ़ हैं कि बिना किसी मुखिया को विश्वास में लिए बगैर या उनकी इज़ाजत के बिना पुलिस,   इंटेलिजेंस,एस टीएफ और आईबी की संयुक्त टीम की इतनी हिम्मत है कि वह ऐसे गंभीर मामले में एक साथ हरकत में आकर इतना बड़ा स्केंडल उजागर  कर दे....आप भले कमलनाथ जी की इस विषयक प्रशंसा न करें पर यह बात आपको सार्वजनिक करनी होगी कि इन "हनियों" के संपर्क में आपके शासनकाल के 3 मंत्री कौन थे? एक "हनी"को भाजयुमो का प्रदेश पदाधिकारी बनवाने वाले तत्कालीन प्रदेश भाजपाध्यक्ष कौन थे ? क्या यही "हनी" आपके एक तत्कालीन मंत्री के साथ 13 दिनों तक  नेपाल नहीं गई थी ? आपके पसंदीदा किस भाजपा सांसद  को इसके "हनी ट्रेप" का शिकार होना पड़ा,जिसकी वज़ह से भाजपा को सम्पन्न लोकसभा चुनाव में उनका टिकट काटना पड़ा ? आपके मंत्रिमंडल में शामिल कितने "कमाऊपूत मंत्रीगण" इन "हनियों" के मकड़जाल फंसकर सत्ता के आगोश आकर अपनी वासना की पूर्ति करते रहे ? आपको इस समूचे कुकृत्य की एक-एक जानकारी थी किन्तु आपमे ऐसी जोख़िम उठाने का साहस नहीं था, आप इससे बचते रहे,ऐसा क्यों?  यह आपकी कमज़ोर प्रशासनिक पकड़ थी या कुछ और ? लिहाज़ा, आप यह कहकर बच नहीं सकते हैं कि "कौन सा हनी-मनी मैं नही जानता"!
    
        मेरी हमारे  मुख्यमंत्री जी से भी विनम्र ग़ुज़ारिश है कि सर्वोच्च राजनैतिक आदर्शों को तरजीह देते हुए  आप कृपापूर्वक इस पूरे प्रकरण में सामने आ रहे उन सभी कुत्सित चेहरों को चाहे वह कितने भी प्रभावी,किसी भी राजनैतिक दल के क्यों न हों अथवा वह कितने भी बड़े प्रशासनिक ओहदों पर क़ाबिज़ नौकरशाह क्यों न हों,को बेनक़ाब हो जाने दें ताकि राजनैतिक शुचिता को लेकर हमारा प्रदेश एक नए प्रतिमानों के रूप में सम्मान प्राप्त कर सके ।
      " काज़ल की कोठरियों के मालिकों को यह अधिकार नहीं है कि वे सफ़ेदी के न्यायाधीश बनें "

     संलग्न-आपके ही एक कार्यकर्ता द्वारा भेजी गई हनीट्रेप की एक आरोपी "हनी"के साथ साझा आपकी तस्वीर